एक मद्धिम सी रोशनी
कोहरे की महीन चादर से
लिपटी हुई, और
दिशायें अजनबी सी लगती हैं.
एक अनसुनी सी आहट
धड़कनों में घुली हुई, और
गिलहरियाँ, एकाएक
चौंक सी जाती हैं.
कुछ अनसुना सा
सन्नाटा, कभी कभी
अपनी चुप्पी तोड़कर
कुछ कहना चाहता है.
- मनीष
आँखें बंद कर के सुनो सन्नाटे को वो बहुत कुछ कहता है .
sannate bahut kuch kah jate hai
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2 comments:
आँखें बंद कर के सुनो सन्नाटे को वो बहुत कुछ कहता है .
sannate bahut kuch kah jate hai
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