कुछ चीजों को हम तलाश करते हैं और कुछ चीजें हमें तलाश करती हैं, लेकिन वे चीजें भौतिक नहीं होती. उनका कोई निश्चित रंग रूप नहीं होता, सिर्फ महसूस भर होती हैं और अपनी मौजूदगी का एहसास जताकर अदृश्य सी हो जाती हैं..
उनके होने से यदि सुखद एहसास होता है तो.. उनके जाने पर एक छटपटाहट का भाव उभर आता है.. मानो इस शरीर ने हमें कैद कर लिया है.
~~* मनीष *~~